Jealous से कैसे छुटकारा पाये – 6 तरीके जो आपकी जिंदगी बदल देगी

Hi friends,, एक बार फिर आपका स्वागत है गुरुमंत्र.com पर. आज का टॉपिक एक ऐसा टॉपिक है जिसे कई लोग महसूस करते है और इसपर ज़्यादा ध्यान नही देते है, बाद मे यही चीज़ आप पर हावी हो जाती है, हम बात कर रहे है jealous” की. आज का टॉपिक है की jealous से कैसे छुटकारा पाये” असल मे jealous क्या है? क्या ये हमारे लिए नुकसांदयक है? तो हम आपको पूरी details मे बताते है की असल मे जेलस है क्या? जेलस एक भावना है जिसको आप सिर्फ़ फील कर सकते हो. जेलस का होना कोई बुरी बात नही है, पर इसे अपने उपर ज़्यादा हावी ना होने दे. अगर आपको लगता है की हा मैं जेलस फील करता हू but इसे कैसे काबू मे रखू और इससे कैसे छुटकारा पाउ तो ये आर्टिकल आपके लिए ही है. सो, प्लीज़ चेक आउट बिलो……………………………………………

Jealous Se Kaise Chutkara Paye – 6 Tarike Jo Aapki Jindagi Badal Degi.

Jealous से छुटकारा पाने के तरीके

Jealous की भावना को समझना बहुत ज़रूरी है अगर कोई ये नही समझ पायेगा तो उसके लिए बहुत मुश्किल है जेलस से पीछा छुड़ाना. जो जो तरीके हमने आपको बताये है प्लीज़ इन्हे ध्यान से पढ़े.

1. Jealous क्या है

जेलस एक भावना है जिसको आप सिर्फ़ फील कर सकते हो. जेलस अक्सर गुस्सा, डर, एक दूसरे के साथ compair करने के कारण होता है. आपको पहले समझना होगा की jealous आपको किन किन चीज़ो से हो रही है और ये आप पर कैसे हानि पहुचा रही है. जब तक आप इसे समझोगे नही तब तक आप इसके जाल मे उलझते रहोगे.

Example:- मान लो जैसे की आपके दोस्त ने एक नया मोबाइल लिया है और वो आपको दिखा रहा है. जैसे ही वो आपको मोबाइल दिखता है वेसे ही आपके अंदर jealous की भावना पैदा हो जाती है और आपको पता भी नही लगता की ऐसा कयु हो रहा है. Jealous करना कोई बुरी बात नही है ये तो प्रकति की देन है. आपको उसी वक्त समझना होगा की किस वजह से मुझे jealous फील हो रही है और ये मुझपर क्या असर डालेगा. आपकी jealous होने का एक ये कारण हो सकता है की आपके पास एक पुराना टूटा फोन हो और अपने दोस्त का नया फोन देखकर आपको jealous फील हुआ हो. सबसे पहली बात अपने आप को दूसरो से compare मत करे कयुकी जो चीज़ आपके पास है वो भी कईओ लोगो के पास नही होती है. आपके पास जो भी चीज़ है पहले उससे प्यार करना सीखे. अगर आपको किसी से jealous फील हो रही है तो उस जेलस को एक पॉज़िटिव वे मे ले कर जाए ना की उसे और जेलस करे. जेलस को सही टाइम पे ना कंट्रोल किया गया तो ये आपको अंदर ही अंदर जाकड़ लेगा.

2. कारणों को जाने

सबसे पहले आपको jealous के कारणों को जानना होगा की किस वजह से आप jealous feel कर रहे हो. कोई फायदा नही अगर आप अंदर से जेलस फील कर रहे है और बाहर मुस्कराहट दिखा रहे है. ऐसे मैं आप अपने आप को धोका दे रहे हो, jealous से बचने की कोशिश कर रहे है. ऐसी सिचुयेशन मे आपको इनके कारणों को जानना होगा. अकेले मे बैठ कर शांत दिमाग़ से आप सोचे की क्या वजह है की जेलस फील होती है.

क्या आपको किसी की तारीफ़ से jealous फील हो रही है या दोस्त ने कुछ नयी चीज़ ली है. हमने जैसे उपर भी बताया है की अपने आप को दूसरो से compare ना करे. आप भी तरक्की कर सकते है, कोई नयी चीज़ ले सकते हो but इसके लिए आपको positive thinking रखनी होगी. Jealous करके कोई फायदा नही.

3. किसी दोस्त से बात करे

अगर जेलस आपको अंदर ही अंदर जकड रहा है तो आपको किसी से बात करनी होगी. एसी condition मे जब आप किसी से बात करेंगे तो आपका मन हल्का होगा और आप अच्छा फील भी करोगे. किसी ऐसे दोस्त को चुने जिस से आप कम ही मिलते हो या हेलो hi होती हो वो आपकी हेल्प भी करेगा और आपको सलाह भी देगा. हम आपको ऐसा इसलिए कह रहे है कुएकी अगर आप ये बात किसी करीबी दोस्त से share करोगे तो उसे लगेगा की ये मेरे प्रति भी जेलस फील करता होगा.

आप किसी डॉक्टर की भी मदद भी ले सकते है. अगर आपको ये ही नही पता होगा की जेलस क्या है? और इससे कैसे मुकती पा सकते है? तो आप कभी भी जेलस को नही समझ सकते है. किसी मन के डॉक्टर से इसके बारे मे बात करे, वो आपकी पूरी मदद करेंगे.

4. अपनी दूसरो से तुलना मत करे

ज़्यादातर jealous होने की शमता ज़्यादा तब बढ़ जाती है जब आप अपने आप को दूसरो से साथ compare करने लगते हो. हमे आप एक बात बताइए की आप अपने आपको किसी दूसरे के साथ compare क्यों करते हो. वेसे भी आपकी लाइफ अलग है और उसकी लाइफ अलग. आप वो सभ कर सकते हो जो बाकी लोग करते है. अगर किसी के पास न्यू कार है तो आप भी ले सकते हो, इसमे जेलस करने की कोई बात ही नही है. किसी ने खूब ही कहा है की जलन मत करो रीस करो”. जिसने न्यू कार ली है, आप उससे जेलस मत करो बल्कि उससे मोटीवेट होये की अगर वो ले सकता है तो मैं क्यों नही ले सकता है.

5. Jealous को Positive Way मे ले जाये

अगर आप पर जेलस पूरी तरह से हावी है और आपको समझ मे नही आरहा है की क्या करे तो हमारा आपसे एक ही सुझाव है कि, अपने जेलस को पॉज़िटिव way मे ले जाए. आपको किसी से जलन है तो उसी वक्त अपने माइंड मे पॉज़िटिव थिंकिंग पैदा कर ले की मैं भी वो कर सकता हू. सिर्फ़ positive thinks रखने से problem solve नही होगी आपको उसपर काम भी करना होगा. किसी चीज़ को पाने के लिए आपको मेहनत तो करनी होगी.

6. अच्छे लोगो के साथ Time Spend करे

ये एक सोचने वाली बात है की आपको जेलस फील हो रही है और आपको पता भी नही चल रहा की ऐसा क्यों हो रहा है. आपने ये बात तो सुनी ही होगी की जैसी संगत वेसी रंगत”. आप कैसा फील करते है, कैसा महसूस करते है, आप किस मिजाज़ के है ये सब संगत मे रहने से ही होता है. अगर आप किसी सीनियर के साथ रहते है तो आपकी thinking भी उन्ही जेसी होगी.

अगर आप किसी ऐसे group मे रहते है जो एक दूसरे की बजाते है, दूसरो की बुराई करते है, एक दूसरे से चिड़ते है तो आप अच्छी संगति मे नही है आपको वो ग्रूप छोड़ देना चाहिए. ये जेलस की फीलिंग भी आपको उस ग्रूप मे रहने से ही आई है. हमारा आपको यही सुझाव है की अच्छे लोगो के साथ time spend करे. अच्छे लोगो के साथ टाइम स्पेंड करके आपको अच्छा फील होगा और आपको कई नयी चीज़े पता चलेगी. देखना अच्छे लोगो के बीच मे रहते रहते आप जेलस की फीलिंग को अपने मन से खत्म कर दोगे और आपको पता भी नही चलेगा.

तो, दोस्तो आपको ये आर्टिकल कैसा लगा, अच्छा लगा तो हमे ज़रूर comment करे. प्लीज़ इस आर्टिकल को जितना हो सकते उतना शेयर करे फ़ेसबुक, गूगल+ and other social networking sites. Take care and have a nice day all of you.

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7 COMMENTS

  1. आपकी पोस्‍ट बहुत ही शानदार हैै। मैं आपके द्धारा दी हुई इस कहावत से पूरी तरह सहमत हूं कि ”जैसी संगत, वैसी रंगत” अच्‍छा मोटीवेशन।

    • Hi mujh ko 4 saal hue pyaar ko but mein aur mere gf ne ghar ki problem ki wajah se baat nahi kar saki… Aaj hum ek hi school mein padte hai aur ek hi class mein woh bhi darti baat karne aur mein bhi darta hoo baat karne se woh sirf mujhe dekhti rehte hai aur mein bhi sirf dekhta rehta Mein isko kya batoa plz mere madad ki jiye

    • Hi mujh ko 4 saal hue pyaar ko but mein aur mere gf ne ghar ki problem ki wajah se baat 3 saal tak nahi kar saki… Aaj hum ek hi school mein padte hai aur ek hi class mein woh bhi darti baat karne aur mein bhi darta hoo baat karne se woh sirf mujhe dekhti rehte hai aur mein bhi sirf dekhta rehta Mein isko kya batoa plz mere madad ki jiye

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