ज्यादा judgement करने से कैसे बचे – Stop Judgement In Hindi

तो कैसे हो आप लोग, दोस्तों आपका स्वागत है हमारे unique blog पर और आज का article है कि, “ज्यादा judgement करने से कैसे बचे”. ये कहना गलत नहीं होगा कि, हम सब judgement करते है, आप इसे एक human nature कह सकते हो. अगर देखा जाये तो कभी कबार हमारी judgement सही रहती है but ज्यादातार मामलों में हम नाकाम रहते है. Judgement हमारा साथ तभी देता है जब सामने वाले को उस बात के बारे में पता ना हो. और ये कहना गलत नहीं होगा कि, हमारे देश में आदि से ज्यादा बाते judgement पर चलती है इसलिये लोगो में judgement करने की आदत बहुत ज्यादा है.

Judgement की आदत को सुधारना इसलिये मुस्किल है क्योंकि हम कभी ये मानते ही नहीं है कि, हम judgement करते है बल्कि हम हमेशा यही कहते है कि, “मैं सही कह रहा हु”. तो दोस्तों अगर आप इस judgement की बीमारी से पीछा छुड़ाना चाहते है तो आपको पहले ये मानना होगा कि, “हा मैं judgement करता हु”. उसके बाद आपको ये article पूरा पढना होगा तभी आप अपनी judgement की आदत को सुधार सकते हो. So, please check out below for more information……………………………………………

ज्यादा judgement करने से कैसे बचे – Stop Judgement In Hindi

लोग Judgement क्यों करते है

सबसे पहले हमे ये समझना होगा कि, लोग या हम judgement क्यों करते है? तभी आप अपनी गलती को मान सकते हो. नीचे हमने कुछ common facts बताये है, आप पढ़े और देखे.

1. दुसरो को बुरा Feel कराने के लिये

हर रोज हमारे बीच में अलग अलग types के लोग रहते है कुछ लोग हमे अच्छे लगते है तो कुछ लोगो को देखकर हमे बुरा feel होता है, ऐसा इसलिए होता है क्योंकि हमे या तो उनकी बात बुरी लग जाती है या पहले से हमारी बनती ना हो. तो ऐसे में हम उन लोगो को बुरा feel करवाने के लिये या निचा दिखाने के लिये किसी बात या किसी वजह का सहारा लेते है. अगर वो लोग हमारे group में हो या किसी से कोई बात कह रहे हो तो हम उसकी बातो को गलत साबित करने के लिये judgement का सहारा लेते है. हम इतनी सफाई से अपनी judgement की बात रखने की कोशिश करते है कि, सामने वाला भी doubt में होता है कि, कही ये सही ना कह रहा हो.

2. Human Nature

जेसा कि, हमने आपको पहले भी बताया था कि, judgement करना हमारा एक human nature है. कभी कबार तो हमे ही पता नहीं लग पाता कि, हम judgement के जाल में इतना फस चुके है.

3. अपने आपको उचा उठाने के लिये

कई लोगो की आदत होती है कि, वो हर जगह अपने आपको उचा दिखाने की कोशिश करते रहते है. उनको पता भी होता है कि, मैं गलत हु but फिर भी सही को गलत में साबित करने में पूरी जान लगा देते है और तब तक लगे रहते है जब तक सामने वाला हार ना जाये या खुद ही ना कह दे कि, “हा भाई तू सही है मैं गलत”. इस type के लोगो की अक्सर किसी से बनती नहीं है.

4. संगति के कारण

ये एक बहुत बड़ा fact है, आप लोगो ने तो कहावत सुनी ही होगी कि, संगत की रंगत का असर बहुत जल्दी पड़ता है. अगर आप खुद अपने में अच्छे हो और आपको अपने ऊपर पूरा विश्वास है कि, आप judgement नहीं करते और जिस बात की knowledge है बस वही बोलते हो और अगर आपकी संगति ऐसे लोगो के साथ है या आपका group बहुत ज्यादा judgement करते है तो automatically आपमें भी उनकी हरकते आजयेंगी और आपको पता भी नहीं चलेगा.

Judgement को कैसे खत्म करे

अब बात करते है कि, judgement को कैसे खत्म करे या कम करे? नीचे जितने भी तरीके बताये है वो सभी एक से बढ़कर एक है. आपको कोई भी formula को follow करे, आपको कुछ दिनों में result जरुर मिलेगा.

1. Judgement Pass ना करे

अपनी बुरी आदतों को छोड़ना, हमेशा से ही सबके लिये बहुत difficult रहा है. तो ऐसे में इसपर काम करना बहुत जरुरी है. अगर आप पाते हो कि, आप judgement कर रहे हो तो उसी time अपने आपको रोक लो या ये याद करो की आप judgement कर रहे हो. इससे आपकी judgement करने की आदत तो नहीं छूटेगी but आप observe करना सीख जाओगे. जब एक बार आप observe करना सीख जाओगे तो आप judgement को धीरे धीरे ख़त्म कर दोगे.

2. अपनी Life पर ध्यान दे

जब सब कुछ विफल रहता है और फैसले को दूर करना कठिन होता है तब आपको अपने आपपर focus करना चाहिये. ये परवाह करना छोड़ कि, लोग क्या कह रहे है या बोल रहे है बस अपने life के बारे में सोचीये. आपकी life में क्या क्या problems है life कैसे spend करनी है, किसको खुश रखना है etc etc. जब आप अपनी life की problems को solve करना start कर दोगे तो आप judgement करना छोड़ दोगे. हमेशा से ही अपने बारे में सोचे और अच्छा सोचे.

3. बात का पता होने के बाद ही Judgement करे

अगर आपमें judgement करने का बहुत बड़ा कीड़ा है और अगर आप आधी बात में ही judgement करते है तो आपके लिये हमारे पास यही सलाह है कि, अगर आपको किसी topic के बारे में या किसी के बारे में कुछ नहीं पता है तो अपनी उंगली करना छोड़ दे. कभी कबार ये आदत विद्रोह का रूप ले लेती है. तो समझदारी इसी में है कि, judgement की आदत को छोड़ दे. अगर आपको किसी topic के बारे में नहीं पता है तो, अपनी राय देने से अच्छा आपको उनकी बातो को सुनना चाहिये. it’s a good habits.

4. Positive सोचे

कभी कबार लोग इसलिए भी judgement करते है क्योंकि वो uncomfortable feel करते है या अपने आपको कमजोर समझते है. ऐसे में वो किसी भी बात पर अपनी राय मतलब judgement देते है, ताकि वो ओरो के सामने खुद को साबित कर सके की वो भी किसी से कम नहीं है but ये tricks हमेशा काम नहीं आती बल्कि उट पटांग के जवाब दे कर आप एक मजाक बन जाते है. अगर आप ऐसा करते है तो आपको ये करना छोड़ देना चाहिये. अगर आपको लगता है कि, आपमें positivity की कमी है तो आप दिखावा कर सकते है मतलब आप अपने आपको दिखा सकते है कि, आप full confidence में है. अगर आपसे कोई कुछ पूछे जिसके बारे में आपको हलकी सी भी knowledge नहीं है तो आप full attitude के साथ कह सकते है कि, मुझे नहीं पता…………. किसी को पता है तो मुझे भी बताना. है ना simple सा तरीका.

दोस्तों ये article आपके लिये वरदान सा साबित होने वाला है. इस article के हर एक point को ध्यान से पाहे और अपनाये. अगर आपको लगे कि, इस article कुछ बातो को गलत बताया गया है या कुछ point ओर हो सकते थे तो please हमे comment के through बताये…… हम update करेंगे. दोस्तों हमारे साथ बने रहे next article के लिये. Thanks and have a nice day all of you.

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3 COMMENTS

  1. Sir mujhe shaadi kar ne se daar lag raha h matlab etne saare logo k saam ne bhot ajeeb sa feel hota hai or logo ko dekh kar lagta hai ki wo mera mazaak bana rahe hoge or mujhe pagal sa samaj rahe hoge to kya karu es problem se nikal ne k liye

    • karan ji, esa kuch nahi hota hai yar………… ek baar batao jab aap kisi ki shaadi me jate ho to aap bhi esa hi sochte ho kya……….. nahi na to log bhi esa nahi sochte hai………….

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